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Career Tips

असफलता बार बार नहीं आतीखुद पर विश्वासर खें
आशीष आदर्श, निदेशक व करियर कंसल्टेंट
 
युवाओं में आम तौर पर यह देखा जाता है कि एकाध बार असफल होने के बाद वे अपना आत्मविश्वास खो देते हैं और यही सोंचते रहते हैं कि अब उनको सफलता का स्वाद कभी नहीं मिलेगा। यह एक बड़ी भूल है। ऐसा सोंचना खुद की प्रगति पर अंकुश लगाना है। मुझे बचपन में सुनी हुई एक कहानी याद आती है, जो आपको इस सोंच से बाहर निकलने में मदद करेगी।
 
एक व्यक्ति कहीं जा रहा था, तो उसने देखा कि एक हाथी को महावत ने एक पतली रस्सी से बांध रखा था। यह रस्सी हाथी के केवल एक पैर में बंधी हुई थी। रस्सी इतनी पतली थी कि यदि हाथी थोड़ी भी जोर से अपना पैर खींचता, तो वह रस्सी टूट जाती। उस व्यक्ति को बेहद आश्चर्य हुआ कि यह रस्सी हाथी के पैर में लगे न लगे, सब बराबर है। उसने महावत से पूछा, भाई, एक बात बताओ, इस पतली रस्सी का इतने बड़े हाथी के मोटे पैर में बाँधने का क्या मतलब ? यदि हाथी इस रस्सी को तोड़कर कहीं भाग गया, तो ?  महावत हंसने लगा। उसने कहा, भाई ऐसा नहीं होगा। जब यह हाथी छोटा था, तब मैं उसके पैर को लोहे की जंजीर से बांध देता था। छोटा हाथी कितनी भी कोशिश करता, अपना पैर उस जंजीर से नहीं निकाल पाता। धीरे धीरे हाथी को इस बात का विश्वास हो गया कि जो भी चीज मेरे पैर में बंधी है, उसे तोड़ पाना या उससे निकल पाना मेरी शक्ति के अंदर नहीं है। यही विश्वास उसके मन में पूरे जीवन भर के लिए घर कर जाता है। यही कारण है कि पतली रस्सी होने के बावजूद वह उसे मजबूत जंजीर समझता है और अपना पैर निकलने या उसे तोड़ने की कोशिश भी नहीं करता।
 
यह तय है कि संसार में किसी भी व्यक्ति के जीवन में असफलता बार बार नहीं आती। अतः हमें उस हाथी की तरह सोंचना छोड़ देने चाहिए कि अब हम असफलता की जंजीर से कभी बाहर नहीं निकल सकेंगे। जीवन में जितने भी सफल व्यक्ति हुए हैं, उन्होंने अपनी असफलता को अपनी आदत नहीं, बल्कि अपनी हिम्मत बनाया। एक बार हिटलर ने कहा था कि यदि हैम असफल होते हैं, तो इसका स्पष्ट कारण यह है कि हमें और अधिक मेहनत और तैयारी की जरुरत है, और यही दोनों चीजें हमें आत्मविश्वास में मजबूती देती हैं। इस कथन से यदि हम कुछ सिख सके, तो मनचाही सफलता मिल कर ही रहेगी।